क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान के आधार पर प्रथम एवम् द्वितीय उच्चतर वेतन का वेतन बैंड एवम् ग्रेड पे में वेतन निर्धारण का आदेश ही वेतन विसंगति को दूर करने का पूर्ण उपाय है ।



क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान के आधार पर प्रथम एवम् द्वितीय उच्चतर वेतन का वेतन बैंड एवम् ग्रेड पे में वेतन निर्धारण का आदेश ही वेतन विसंगति को दूर करने का पूर्ण उपाय है ।"

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के वेतन विसंगति का मुद्दा काफी जोर पकड़ते जा रहा है ऐसे में शिक्षकों द्वारा अपनी मांगों के लिए कई बार ज्ञापन और रैली भी करके सरकार का ध्यान इस ओर लाने का प्रयास भी किया गया लेकिन अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आ पाया है। 

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति और क्रमोन्नति को ख़ास तौर से समझाया गया है और ये भी बताने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार से वेतन की विसंगति को दूर किया जा सकता है।

अभी हाल ही में सरकार ने 2 वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों की संविलियन की घोषणा की है लेकिन सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति और क्रमोन्नति के विषय में किसी प्रकार की कोई चर्चा नहीं की गयी है। जिससे सहायक शिक्षकों में काफी निराशा और गुस्सा है।

तो चलिए फ्रेंड्स  आपको बताते है शिक्षकों के वेतन विसंगति और उसके निर्धारण के बारे में। पूरा विवरण यहाँ देखें। 


साथियो राज्य शासन ने 8 वर्ष की सेवा पूर्ण अवधि में शासकीय शिक्षको की भाँति वेतन पुनरीक्षण नियम  2009 के नियम 2-3 के तहत अनुसूची (एक) के अनुसार वेतन बैंड एवम् ग्रेड पे क्रमशः सहायक शिक्षक (पं/ननि)को 5200 -20200+2400,शिक्षक(पं/ननि)को 9300-34800+4200,व्यख्याता(पं/ननि) को 9300-34800+4300 प्रदान किया ।


साथियो वेतन विसंगति जो हुई है वह है वेतन निर्धारण करते समय वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के नियम 7(क) का पालन नही करना ।

इस नियम के तहत जो शिक्षक की  8 वर्ष की तिथि में जो मूल वेतन मिल रहा था उनका 1.86से गुणा करके पूर्णांकत करना था तथा उस पद का ग्रेड पे को जोड़कर वेतन निर्धारण करना था। 

एक ही पद में 10 वर्ष की तिथि में क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान में प्राप्त कर रहे वेतनमान के सापेक्ष वेतन बैंड एवम् ग्रेड पे के आधार पर प्रथम उच्चतर वेतनमान में वेतन निर्धारण करना था । 

इसी वेतन के आधार पर प्राप्त कर रहे वेतन का  30जून 2018 की स्थिति में एल पी सी  जारी करना था परन्तु ऐसा नही किया गया इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने दिनांक 6.4.2019 को पंचायत/नगरीय निकाय के नियोक्ता को जो शिक्षक (पं/ननि)सवर्ग 1.7.2018 को शिक्षा विभाग में शिक्षक (elb/tlb) हो गए है। 


पंचायत/नगरीय निकाय में रहते हुए एक ही पद में 10 वर्ष पूर्ण कर लिए थे उन्हें उस तिथि से क्रमोन्नति /समयमान वेतनमान के अनुसार तत्समय प्राप्त कर रहे पुनरीक्षित वेतन का वेतन बैंड एवम् ग्रेड पे में नीचे आपको तीनों वर्गों के बारे में समझाया गया है।

वेतनमान निर्धारण क्रमशः सहायक (पं/ननि) का 9300-34800+4200 में , शिक्षक(पं/ननि)का 9300-34800+4400,में तथा व्यख्याता(पं/ननि)का 9300-34800+4800 में वेतन निर्धारण कर 30 जून 2018 को रिवाइज्ड एल पी सी जारी करने का आदेश है -परन्तु दुर्भाग्यजनक बात है कि नियोक्ता  एवम् स्थनीय निधि समपरिक्षक इस आदेश का  पालन नही कर रहे है ।



फ्रेंड्स आपको बता दें कि बहुत से सहायक शिक्षकों नेमाननीय उच्च न्यायालय के शरण गए और माननीय न्यायालय ने  स्पष्ट रूप से नियोक्ता एवम् सरकार को आदेश किया है कि एक ही पद में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान पाने की पात्रता है।

माननीय उच्च न्यायालय के इस आदेश की भी अवमानना करने में अधिकारी पीछे नहीं है। कुछ जगहों पर कोर्ट के आदेश से क्रमोन्नति वेतन मिल भी रहा है और कई जगहों पर अधिकारी इस आदेश को मानने से इंकार  कर रहे है।

साथियो जिन शिक्षको का माननीय न्यायालय दुवारा निर्धारित तिथि में क्रमोन्नति/समयमान के आधार पर वेतन पुनरीक्षण में वेतन बैंड एवम् ग्रेड में वेतन निर्धारण कर एल पी सी जारी नही किया जा रहा है तो निः संकोच सम्बंधित नियोक्ता एवम् स्थानीय निधि संघठन के उपसंचालक एवम् सहायक संचालक को पार्टी बनाते हुए न्यायालय की अवमानना का प्रकरण अवश्य लगाये ।

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